Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.62.35: भरतश्रेष्ठ! नरेश्वर! आपके धन का अक्षय भण्डार पाकर शत्रुओं को पराजित करने वाले महाभाग पाण्डव हर्ष के साथ उच्च स्वर में बोलने लगे॥35॥ | mahabharat अध्याय 9.62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते प्राप्य धनमक्षय्यं त्वदीयं भरतर्षभ।
उदक्रोशन्महाभागा नरेन्द्र विजितारय:॥ ३५॥
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! नरेश्वर! आपके धन का अक्षय भण्डार पाकर शत्रुओं को पराजित करने वाले महाभाग पाण्डव हर्ष के साथ उच्च स्वर में बोलने लगे॥35॥
Bharatshrestha! Nareshwar! After getting the inexhaustible storehouse of your wealth, the Mahabhaga Pandavas who defeated the enemy started making loud sounds of joy. 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥