Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.62.21-22: कुंतीपुत्र! सौभाग्य से आप विजयी हुए और आपके सभी शत्रु पराजित हो गए। राजन! गांडीवधारी अर्जुन, पांडुपुत्र भीमसेन, आप और माद्रीपुत्र पांडुपुत्र नकुल-सहदेव - ये सभी सुरक्षित हैं। और यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आप सभी उस भीषण युद्ध में, जहाँ योद्धा नष्ट हो गए और आपके सभी शत्रु मारे गए, जीवित बच गए।' | mahabharat अध्याय 9.62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दिष्ट्या जयसि कौन्तेय दिष्ट्या ते शत्रवो जिता:।
दिष्ट्या गाण्डीवधन्वा च भीमसेनश्च पाण्डव:॥ २१॥
त्वं चापि कुशली राजन् माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ।
मुक्ता वीरक्षयादस्मात् संग्रामान्निहतद्विष:॥ २२॥
अनुवाद
कुंतीपुत्र! सौभाग्य से आप विजयी हुए और आपके सभी शत्रु पराजित हो गए। राजन! गांडीवधारी अर्जुन, पांडुपुत्र भीमसेन, आप और माद्रीपुत्र पांडुपुत्र नकुल-सहदेव - ये सभी सुरक्षित हैं। और यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आप सभी उस भीषण युद्ध में, जहाँ योद्धा नष्ट हो गए और आपके सभी शत्रु मारे गए, जीवित बच गए।'
‘Kunti's son! Fortunately you were victorious and all your enemies were defeated. King! Gandiva-wielding Arjun, Pandu's son Bhimsen, you and Madri's son Pandu Nakul-Sahadeva - all of them are safe. And it is a matter of great fortune that you all survived in that fierce battle where the warriors were destroyed and all your enemies were killed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥