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mahabharat 9.62.20: इसके बाद शत्रुओं का नाश करने वाले भगवान श्रीकृष्ण ने किंचित् मुस्कुराकर राजा युधिष्ठिर को हृदय से लगा लिया और बोले- 20॥   |   mahabharat अध्याय 9.62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  9.62.20 
ईषदुत्स्मयमानस्तु भगवान् केशवोऽरिहा।
परिष्वज्य च राजानं युधिष्ठिरमभाषत॥ २०॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद शत्रुओं का नाश करने वाले भगवान श्रीकृष्ण ने किंचित् मुस्कुराकर राजा युधिष्ठिर को हृदय से लगा लिया और बोले- 20॥
 
After this, Lord Shri Krishna, the destroyer of enemies, smiled slightly and hugged King Yudhishthir to his heart and said - 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)