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mahabharat 9.62.13: पृथ्वीनाथ! इसके बाद द्रोण और कर्ण के दिव्यास्त्रों से दग्ध हुआ अर्जुन का विशाल रथ तत्काल ही अग्नि से प्रज्वलित होने लगा॥13॥   |   mahabharat अध्याय 9.62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  9.62.13 
स दग्धो द्रोणकर्णाभ्यां दिव्यैरस्त्रैर्महारथ:।
अथादीप्तोऽग्निना ह्याशु प्रजज्वाल महीपते॥ १३॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वीनाथ! इसके बाद द्रोण और कर्ण के दिव्यास्त्रों से दग्ध हुआ अर्जुन का विशाल रथ तत्काल ही अग्नि से प्रज्वलित होने लगा॥13॥
 
Prithvinath! After this, Arjun's huge chariot, which was burnt by the divine weapons of Drona and Karna, immediately started blazing with fire. ॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)