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mahabharat 9.62.12: जैसे ही समस्त प्राणियों के स्वामी भगवान श्रीकृष्ण वहाँ अवतरित हुए, वैसे ही अर्जुन का ध्वजरूपी दिव्य वानर गाण्डीव धारण किए हुए उस रथ से अदृश्य हो गया॥12॥   |   mahabharat अध्याय 9.62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  9.62.12 
अथावतीर्णे भूतानामीश्वरे सुमहात्मनि।
कपिरन्तर्दधे दिव्यो ध्वजो गाण्डीवधन्वन:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
जैसे ही समस्त प्राणियों के स्वामी भगवान श्रीकृष्ण वहाँ अवतरित हुए, वैसे ही अर्जुन का ध्वजरूपी दिव्य वानर गाण्डीव धारण किए हुए उस रथ से अदृश्य हो गया॥12॥
 
As soon as Lord Krishna, the Lord of all beings, descended, the divine monkey in the form of the flag of Arjuna carrying Gandiva disappeared from that chariot. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)