Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.62.1: संजय कहते हैं: हे राजन! तत्पश्चात् परिघ के समान मोटी भुजाओं वाले समस्त राजा शंख बजाते हुए सुखपूर्वक शिविर में विश्राम करने चले गए।   |   mahabharat अध्याय 9.62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  9.62.1 
संजय उवाच
ततस्ते प्रययु: सर्वे निवासाय महीक्षित:।
शङ्खान् प्रध्मापयन्तो वै हृष्टा: परिघबाहव:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे राजन! तत्पश्चात् परिघ के समान मोटी भुजाओं वाले समस्त राजा शंख बजाते हुए सुखपूर्वक शिविर में विश्राम करने चले गए।
 
Sanjaya says: O King! Thereafter all the kings, whose arms were as thick as the Parigha, went happily to the camp to rest, blowing their conches.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)