Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.61.d10: भीमसेन ने मेरे सिर पर जो पैर मारा, उसका मुझे दुःख नहीं है, क्योंकि थोड़ी देर बाद कौवे, चींटियाँ या गिद्ध भी इस शरीर पर अपने पैर रखेंगे। | mahabharat अध्याय 9.61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(न मे विषादो भीमेन पादेन शिर आहतम्।
काका वा कङ्कगृध्रा वा निधास्यन्ति पदं क्षणात्॥ )
अनुवाद
भीमसेन ने मेरे सिर पर जो पैर मारा, उसका मुझे दुःख नहीं है, क्योंकि थोड़ी देर बाद कौवे, चींटियाँ या गिद्ध भी इस शरीर पर अपने पैर रखेंगे।
I am not sorry for the blow Bhimasena gave on my head with his foot, because after a while crows, ants or vultures will also put their feet on this body.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥