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mahabharat 9.61.8: जैसे इन्द्र ने महायुद्ध में वृत्रासुर का वध किया था, उसी प्रकार आपके द्वारा इस शत्रु का विनाश भी उसी प्रकार का है - ऐसा सभी लोग मानने लगे हैं।   |   mahabharat अध्याय 9.61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  9.61.8 
इन्द्रेणेव हि वृत्रस्य वधं परमसंयुगे।
त्वया कृतममन्यन्त शत्रोर्वधमिमं जना:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
जैसे इन्द्र ने महायुद्ध में वृत्रासुर का वध किया था, उसी प्रकार आपके द्वारा इस शत्रु का विनाश भी उसी प्रकार का है - ऐसा सभी लोग मानने लगे हैं।
 
Just as Indra killed Vritraasura in the great war, the destruction of this enemy by you is also of the same caliber - this is what everyone has begun to believe.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)