तथैवायं गदापाणिर्धार्तराष्ट्रो गतक्लम:।
न शक्यो धर्मतो हन्तुं कालेनापीह दण्डिना॥ ६६॥
अनुवाद
गदाधारी धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन भी युद्ध करते हुए नहीं थकता था। दण्डधारी काल भी धर्मयुद्ध में उसे नहीं मार सकता था॥ 66॥
‘Even Duryodhana, the son of Dhritarashtra, who held a mace, was not tired of fighting. Even Kala, who held a stick, could not kill him in a righteous war.॥ 66॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)