श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  9.61.38-39h 
त्वया पुनरनार्येण जिह्ममार्गेण पार्थिवा:॥ ३८॥
स्वधर्ममनुतिष्ठन्तो वयं चान्ये च घातिता:।
 
 
अनुवाद
परन्तु तुम्हारे समान अनार्यों ने कुटिल मार्ग अपनाकर हमारा तथा अपने धर्मपरायण अन्य राजाओं का भी वध करवाया है। ॥38 1/2॥
 
"But non-Aryans like you have adopted crooked ways and have caused the killing of us as well as other kings who were devoted to the observance of their own religious principles." ॥ 38 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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