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mahabharat 9.61.30-31h: तुमने पितामह भीष्म को, जो प्रतिदिन वीर योद्धाओं का भारी संहार कर रहे थे, शिखण्डी को आगे करके मरवा दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  9.61.30-31h 
अहन्यहनि शूराणां कुर्वाण: कदनं महत्॥ ३०॥
शिखण्डिनं पुरस्कृत्य घातितस्ते पितामह:।
 
 
अनुवाद
तुमने पितामह भीष्म को, जो प्रतिदिन वीर योद्धाओं का भारी संहार कर रहे थे, शिखण्डी को आगे करके मरवा दिया।
 
You got Bhishma, the grandfather who was causing massive slaughter among the valiant warriors every day, killed by placing Shikhandi in the forefront.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)