Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.61.26-27h: वह भयंकर पीड़ा में था जो उसके प्राण ले सकती थी, परन्तु उसकी परवाह किए बिना दुर्योधन ने अपने कठोर शब्दों से वासुदेव के पुत्र भगवान कृष्ण को पीड़ा देना आरम्भ कर दिया। | mahabharat अध्याय 9.61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह भयंकर पीड़ा में था जो उसके प्राण ले सकती थी, परन्तु उसकी परवाह किए बिना दुर्योधन ने अपने कठोर शब्दों से वासुदेव के पुत्र भगवान कृष्ण को पीड़ा देना आरम्भ कर दिया।
He was in terrible pain which could take his life, but without caring about him, Duryodhan started tormenting Lord Krishna, the son of Vasudeva, with his harsh words. 26 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥