Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.61.23-24: प्रजानाथ! श्रीकृष्ण के मुख से ये आपत्तिजनक वचन सुनकर राजा दुर्योधन अमर्ष के प्रभाव से उठकर दोनों हाथ पृथ्वी पर टिकाकर तथा नितंबों का सहारा लेकर बैठ गया। | mahabharat अध्याय 9.61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजानाथ! श्रीकृष्ण के मुख से ये आपत्तिजनक वचन सुनकर राजा दुर्योधन अमर्ष के प्रभाव से उठकर दोनों हाथ पृथ्वी पर टिकाकर तथा नितंबों का सहारा लेकर बैठ गया।
Prajanath! Hearing these objectionable words from the mouth of Shri Krishna, King Duryodhana got up under the influence of Amarsh and sat down with both his hands on the earth and the support of his buttocks.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥