श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 2-3h
 
 
श्लोक  9.61.2-3h 
संजय उवाच
हतं दुर्योधनं दृष्ट्वा भीमसेनेन संयुगे।
सिंहेनेव महाराज मत्तं वनगजं यथा॥ २॥
प्रहृष्टमनसस्तत्र कृष्णेन सह पाण्डवा:।
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, 'महाराज! जिस प्रकार मदोन्मत्त जंगली हाथी सिंह के द्वारा मारा जाता है, उसी प्रकार युद्धस्थल में भीमसेन द्वारा दुर्योधन को मारा गया देखकर श्रीकृष्ण सहित पाण्डव मन ही मन बहुत प्रसन्न हुए।
 
Sanjaya said, 'Maharaj! Just as a drunken wild elephant is killed by a lion, in the same way seeing Duryodhan killed by Bhimasena on the battlefield, the Pandavas including Shri Krishna were very happy in their hearts.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)