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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 61: पाण्डव-सैनिकोंद्वारा भीमकी स्तुति, श्रीकृष्णका दुर्योधनपर आक्षेप, दुर्योधनका उत्तर तथा श्रीकृष्णके द्वारा पाण्डवोंका समाधान एवं शंखध्वनि  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  9.61.13 
ये विप्रकुर्वन् राजानं धर्मात्मानं युधिष्ठिरम्।
मूर्ध्नि तेषां कृत: पादो दिष्ट्या ते स्वेन कर्मणा॥ १३॥
 
 
अनुवाद
यह बड़े आनन्द की बात है कि आपने अपने पराक्रम से उन सब लोगों के सिरों पर पैर रख दिया है, जिन्होंने धर्मात्मा राजा युधिष्ठिर के साथ अन्याय किया था।'
 
It is a matter of great joy that by Your might You have stepped on the heads of all those who had wronged the righteous King Yudhishthira.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)