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mahabharat 9.60.24: श्रीकृष्ण बोले - भैया! तुम संसार में क्रोध से रहित, सदाचारी और सदैव धर्म परायण व्यक्ति के रूप में प्रसिद्ध हो; अतः शान्त रहो और क्रोध मत करो।   |   mahabharat अध्याय 9.60: क्रोधमें भरे हुए बलरामको श्रीकृष्णका समझाना और युुधिष्ठिरके साथ श्रीकृष्णकी तथा भीमसेनकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.60.24 
श्रीकृष्ण उवाच
अरोषणो हि धर्मात्मा सततं धर्मवत्सल:।
भवान् प्रख्यायते लोके तस्मात् संशाम्य मा क्रुध:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण बोले - भैया! तुम संसार में क्रोध से रहित, सदाचारी और सदैव धर्म परायण व्यक्ति के रूप में प्रसिद्ध हो; अतः शान्त रहो और क्रोध मत करो।
 
Shri Krishna said - Brother! You are famous in the world as a person who is free from anger, is virtuous and is always devoted to Dharma; hence, be calm and do not get angry.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)