Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.6.30: हे राजन! वीर! जिस प्रकार स्कन्द ने देवताओं का सेनापति पद स्वीकार किया था, उसी प्रकार आप भी हमारे सेनापति पद पर अभिषिक्त हो जाइये और दैत्यों के संहारक देवराज इन्द्र की भाँति युद्धभूमि में हमारे शत्रुओं का संहार कीजिये। | mahabharat अध्याय 9.6: दुर्योधनके पूछनेपर अश्वत्थामाका शल्यको सेनापति बनानेके लिये प्रस्ताव, दुर्योधनका शल्यसे अनुरोध और शल्यद्वारा उसकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! वीर! जिस प्रकार स्कन्द ने देवताओं का सेनापति पद स्वीकार किया था, उसी प्रकार आप भी हमारे सेनापति पद पर अभिषिक्त हो जाइये और दैत्यों के संहारक देवराज इन्द्र की भाँति युद्धभूमि में हमारे शत्रुओं का संहार कीजिये।
O King of kings! Brave one! Just as Skanda had accepted the position of commander of the gods, similarly you too should get yourself anointed as our commander and kill our enemies on the battlefield like Devaraj Indra, the slayer of demons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥