श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 6: दुर्योधनके पूछनेपर अश्वत्थामाका शल्यको सेनापति बनानेके लिये प्रस्ताव, दुर्योधनका शल्यसे अनुरोध और शल्यद्वारा उसकी स्वीकृति  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  9.6.21 
एनं सेनापतिं कृत्वा नृपतिं नृपसत्तम।
शक्य: प्राप्तुं जयोऽस्माभिर्देवै: स्कन्दमिवाजितम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! जैसे देवताओं ने अजेय स्कन्द को सेनापति बनाकर दैत्यों पर विजय प्राप्त की थी, वैसे ही हम भी राजा शल्य को सेनापति बनाकर अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकते हैं॥ 21॥
 
O best of kings! Just as the gods had conquered the demons by making Skanda, who was invincible, their commander in chief, we too can conquer our enemies by making King Shalya our commander in chief. ॥ 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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