श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 6: दुर्योधनके पूछनेपर अश्वत्थामाका शल्यको सेनापति बनानेके लिये प्रस्ताव, दुर्योधनका शल्यसे अनुरोध और शल्यद्वारा उसकी स्वीकृति  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  9.6.1 
संजय उवाच
अथ हैमवते प्रस्थे स्थित्वा युद्धाभिनन्दिन:।
सर्व एव महायोधास्तत्र तत्र समागता:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज ! तत्पश्चात् युद्ध का स्वागत करने वाले सभी महारथी हिमालय के ऊपर समतल भूमि पर डेरा डालकर वहाँ एकत्रित हुए ॥1॥
 
Sanjaya says - Maharaj! Thereafter all the great warriors who were welcoming the war assembled there, camping on the plain land above the Himalayas.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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