Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.59.4-5h: हे मिथ्या बुद्धि वाले मूर्ख! पहले तूने मुझे 'बैल-बैल' कहकर, सभा में वस्त्राभूषणों से युक्त द्रौपदी को लाकर तथा हम सबको कठोर वचन कहकर हमारा उपहास किया था। आज तू उस उपहास का फल भोगेगा। ॥4 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.59: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनका तिरस्कार, युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाकर अन्यायसे रोकना और दुर्योधनको सान्त्वना देते हुए खेद प्रकट करना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मिथ्या बुद्धि वाले मूर्ख! पहले तूने मुझे 'बैल-बैल' कहकर, सभा में वस्त्राभूषणों से युक्त द्रौपदी को लाकर तथा हम सबको कठोर वचन कहकर हमारा उपहास किया था। आज तू उस उपहास का फल भोगेगा। ॥4 1/2॥
You fool with a false intellect! Earlier you had mocked us by calling me 'Bull, Bull' and by bringing a clothed Draupadi in the assembly and by speaking harsh words to all of us. Today you will reap the fruits of that mockery.' ॥ 4 1/2 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥