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mahabharat 9.59.29-30h: राजा! आप ही सुखी हैं। आपको स्वर्ग में अवश्य स्थान मिलेगा और हमें यहीं नरक का कष्ट भोगना पड़ेगा।'   |   mahabharat अध्याय 9.59: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनका तिरस्कार, युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाकर अन्यायसे रोकना और दुर्योधनको सान्त्वना देते हुए खेद प्रकट करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 59: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनका तिरस्कार, युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाकर अन्यायसे रोकना और दुर्योधनको सान्त्वना देते हुए खेद प्रकट करना  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  9.59.29-30h 
त्वमेक: सुस्थितो राजन् स्वर्गे ते निलयो ध्रुव:॥ २९॥
वयं नरकसंज्ञं वै दु:खं प्राप्स्याम दारुणम्।
 
 
अनुवाद
राजा! आप ही सुखी हैं। आपको स्वर्ग में अवश्य स्थान मिलेगा और हमें यहीं नरक का कष्ट भोगना पड़ेगा।'
 
‘King! You alone are happy. You will certainly get a place in heaven and we will have to suffer the pain of hell here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)