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mahabharat 9.59.2: जब सभी सोमकों ने दुर्योधन को सिंह द्वारा गिराए गए पागल हाथी के समान गिरा हुआ देखा, तो उनके शरीर हर्ष से रोमांचित हो उठे।   |   mahabharat अध्याय 9.59: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनका तिरस्कार, युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाकर अन्यायसे रोकना और दुर्योधनको सान्त्वना देते हुए खेद प्रकट करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 59: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनका तिरस्कार, युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाकर अन्यायसे रोकना और दुर्योधनको सान्त्वना देते हुए खेद प्रकट करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  9.59.2 
उन्मत्तमिव मातङ्गं सिंहेन विनिपातितम्।
ददृशुर्हृष्टरोमाण: सर्वे ते चापि सोमका:॥ २॥
 
 
अनुवाद
जब सभी सोमकों ने दुर्योधन को सिंह द्वारा गिराए गए पागल हाथी के समान गिरा हुआ देखा, तो उनके शरीर हर्ष से रोमांचित हो उठे।
 
When all the Somakas saw Duryodhana fallen like a mad elephant felled by a lion, their bodies were thrilled with joy. 2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)