श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 59: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनका तिरस्कार, युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाकर अन्यायसे रोकना और दुर्योधनको सान्त्वना देते हुए खेद प्रकट करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  9.59.1 
संजय उवाच
तं पातितं ततो दृष्ट्वा महाशालमिवोद्‍गतम्।
प्रहृष्टमनस: सर्वे ददृशुस्तत्र पाण्डवा:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, "हे राजन! दुर्योधन को ऊँचे एवं विशाल शाल वृक्ष के समान गिरा हुआ देखकर सभी पाण्डव मन ही मन बहुत प्रसन्न हुए और उसे देखने के लिए उसके पास गये।"
 
Sanjaya said, "O King! Seeing Duryodhan being felled like a tall and huge Shaal tree, all the Pandavas were very happy in their hearts and went near him to see him."
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas