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mahabharat 9.58.61-62h: भरत! तत्पश्चात् देवता, गन्धर्व और अप्सराओं के समूह आपके दोनों पुत्रों के अद्भुत युद्ध का वर्णन करते हुए अपने-अपने इच्छित स्थानों को चले गये।   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 61-62h
 
 
श्लोक  9.58.61-62h 
ययुर्देवा यथाकामं गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥ ६१॥
कथयन्तोऽद्भुतं युद्धं सुतयोस्तव भारत।
 
 
अनुवाद
भरत! तत्पश्चात् देवता, गन्धर्व और अप्सराओं के समूह आपके दोनों पुत्रों के अद्भुत युद्ध का वर्णन करते हुए अपने-अपने इच्छित स्थानों को चले गये।
 
Bhaarat! Thereafter the groups of gods, Gandharvas and Apsaras went to their desired destinations while talking about the wonderful battle between your two sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)