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mahabharat 9.58.53-54h: उस भयंकर ध्वनि के साथ-साथ अनेक पशु-पक्षियों की भयानक आवाजें भी चारों दिशाओं में गूंजने लगीं।   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 53-54h
 
 
श्लोक  9.58.53-54h 
तेन शब्देन घोरेण मृगाणामथ पक्षिणाम्॥ ५३॥
जज्ञे घोरतर: शब्दो बहूनां सर्वतोदिशम्।
 
 
अनुवाद
उस भयंकर ध्वनि के साथ-साथ अनेक पशु-पक्षियों की भयानक आवाजें भी चारों दिशाओं में गूंजने लगीं।
 
Along with that terrible sound, the terrifying noises of many animals and birds also echoed in all directions. 53 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)