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mahabharat 9.58.49-50h: तदनन्तर, जब समस्त राजाओं के स्वामी पराक्रमी राजा दुर्योधन मारे गए, तब गरज और बिजली के साथ प्रचण्ड वायु चलने लगी, धूल की वर्षा होने लगी और वृक्ष, वन और पर्वतों सहित सम्पूर्ण पृथ्वी काँपने लगी॥49 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  9.58.49-50h 
ववुर्वाता: सनिर्घाता: पांशुवर्षं पपात च।
चचाल पृथिवी चापि सवृक्षक्षुपपर्वता॥ ४९॥
तस्मिन् निपतिते वीरे पत्यौ सर्वमहीक्षिताम्।
 
 
अनुवाद
तदनन्तर, जब समस्त राजाओं के स्वामी पराक्रमी राजा दुर्योधन मारे गए, तब गरज और बिजली के साथ प्रचण्ड वायु चलने लगी, धूल की वर्षा होने लगी और वृक्ष, वन और पर्वतों सहित सम्पूर्ण पृथ्वी काँपने लगी॥49 1/2॥
 
Then, when the valiant King Duryodhana, the lord of all kings, was killed, a strong wind began to blow along with thunder and lightning, dust began to rain down and the entire earth, including its trees, forests and mountains, began to tremble. ॥ 49 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)