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mahabharat 9.58.43: भरतश्रेष्ठ! महाबली भीम को क्रोधपूर्वक आक्रमण करते देख आपके पुत्र ने उनके आक्रमण को निष्फल करने की इच्छा की॥43॥   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  9.58.43 
तमापतन्तं सम्प्रेक्ष्य संरब्धममितौजसम्।
मोघमस्य प्रहारं तं चिकीर्षुर्भरतर्षभ॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! महाबली भीम को क्रोधपूर्वक आक्रमण करते देख आपके पुत्र ने उनके आक्रमण को निष्फल करने की इच्छा की॥43॥
 
Bharatshrestha! Seeing the mighty Bhima attacking with rage, your son wished to render his attack useless. 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)