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mahabharat 9.58.4: यदि भीमसेन धर्मपूर्वक युद्ध करते रहेंगे, तो उनकी कभी पराजय नहीं होगी। किन्तु यदि वे अधर्मपूर्वक युद्ध करेंगे, तो दुर्योधन का वध अवश्य करेंगे। ॥4॥   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  9.58.4 
भीमसेनस्तु धर्मेण युद्धॺमानो न जेष्यति।
अन्यायेन तु युध्यन् वै हन्यादेव सुयोधनम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
यदि भीमसेन धर्मपूर्वक युद्ध करते रहेंगे, तो उनकी कभी पराजय नहीं होगी। किन्तु यदि वे अधर्मपूर्वक युद्ध करेंगे, तो दुर्योधन का वध अवश्य करेंगे। ॥4॥
 
If Bhimasena continues to fight righteously, he will never be defeated. But if he fights unjustly, he will certainly kill Duryodhana. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)