Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.58.30: उस समय उस अत्यन्त भयंकर युद्ध में शत्रुओं को दबाते हुए वे दोनों वीर परस्पर युद्ध करते हुए अत्यन्त थक गए ॥30॥   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  9.58.30 
तस्मिंस्तदा सम्प्रहारे दारुणे संकुले भृशम्।
उभावपि परिश्रान्तौ युध्यमानावरिंदमौ॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
उस समय उस अत्यन्त भयंकर युद्ध में शत्रुओं को दबाते हुए वे दोनों वीर परस्पर युद्ध करते हुए अत्यन्त थक गए ॥30॥
 
At that time, in that extremely fierce battle, those two heroes, subduing the enemies, became very tired fighting each other. ॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)