Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.58.24: इसी प्रकार आपका पुत्र भी गदायुद्ध में निपुण होकर भीमसेन को मारने की इच्छा से विचित्र युद्धकला का प्रयोग करता हुआ शीघ्रता से इधर-उधर घूमने लगा॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तथैव तव पुत्रोऽपि गदामार्गविशारद:।
व्यचरल्लघु चित्रं च भीमसेनजिघांसया॥ २४॥
अनुवाद
इसी प्रकार आपका पुत्र भी गदायुद्ध में निपुण होकर भीमसेन को मारने की इच्छा से विचित्र युद्धकला का प्रयोग करता हुआ शीघ्रता से इधर-उधर घूमने लगा॥ 24॥
Similarly, your son, being an expert in the technique of mace-fighting, also started moving about quickly using strange manoeuvres with the desire to slay Bhimasena.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥