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mahabharat 9.58.23: राजन! पाण्डुपुत्र भीमसेन आपके पुत्र को मोहित करके दक्षिण, वाम तथा गोमूत्र मंडलों में विचरण करने लगे। 23॥   |   mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  9.58.23 
दक्षिणं मण्डलं सव्यं गोमूत्रकमथापि च।
व्यचरत् पाण्डवो राजन्नरिं सम्मोहयन्निव॥ २३॥
 
 
अनुवाद
राजन! पाण्डुपुत्र भीमसेन आपके पुत्र को मोहित करके दक्षिण, वाम तथा गोमूत्र मंडलों में विचरण करने लगे। 23॥
 
Rajan! Pandu's son Bhimsen started wandering through the right, left and cow urine circles, captivating your son. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)