Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.58.18-19: ऐसा हो सकता है कि दुर्योधन पुनः हमारे जीते हुए राज्य पर कब्ज़ा कर ले। उसने तेरह वर्षों तक गदा युद्ध में निरन्तर कठोर परिश्रम और अभ्यास किया है। देखो, वह भीमसेन को मारने की इच्छा से इधर-उधर और ऊपर की ओर भटक रहा है। 18-19. | mahabharat अध्याय 9.58: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत तथा अर्जुनके संकेतके अनुसार भीमसेनका गदासे दुर्योधनकी जाँघें तोड़कर उसे धराशायी करना एवं भीषण उत्पातोंका प्रकट होना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपि नो निर्जितं राज्यं न हरेत सुयोधन:॥ १८॥
यस्त्रयोदशवर्षाणि गदया कृतनिश्रम:।
चरत्यूर्ध्वं च तिर्यक् च भीमसेनजिघांसया॥ १९॥
अनुवाद
ऐसा हो सकता है कि दुर्योधन पुनः हमारे जीते हुए राज्य पर कब्ज़ा कर ले। उसने तेरह वर्षों तक गदा युद्ध में निरन्तर कठोर परिश्रम और अभ्यास किया है। देखो, वह भीमसेन को मारने की इच्छा से इधर-उधर और ऊपर की ओर भटक रहा है। 18-19.
It may happen that Duryodhan again usurps our conquered kingdom. He has continuously worked hard and practised for thirteen years in fighting with the mace. Look, he is wandering here and there and upwards with the desire to kill Bhimasena. 18-19.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥