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mahabharat 9.57.d1: उस समय यमराज के समान पराक्रमी नकुल और सहदेव, धृष्टद्युम्न तथा शिनि के पौत्र महाबली सात्यकि, ये सभी विजय की इच्छा से आपके पुत्र पर आक्रमण करने लगे और 'मैं युद्ध करूँगा, मैं युद्ध करूँगा' कहने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.57: भीमसेन और दुर्योधनका गदायुद्ध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 57: भीमसेन और दुर्योधनका गदायुद्ध  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  9.57.d1 
(ततो यमौ यमसदृशौ पराक्रमे
सपार्षत: शिनितनयश्च वीर्यवान्।
समाह्वयन्नहमित्यभित्वरं-
स्तवात्मजं समभियजुर्जयैषिण:॥
 
 
अनुवाद
उस समय यमराज के समान पराक्रमी नकुल और सहदेव, धृष्टद्युम्न तथा शिनि के पौत्र महाबली सात्यकि, ये सभी विजय की इच्छा से आपके पुत्र पर आक्रमण करने लगे और 'मैं युद्ध करूँगा, मैं युद्ध करूँगा' कहने लगे।
 
At that time, Nakula and Sahadeva, who were as mighty as Yamaraja, Drishtadyumna and the mighty Satyaki, the grandson of Shini, all of them, desirous of victory, began to challenge and attack your son eagerly, saying, 'I will fight, I will fight.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)