Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.57.68: उस समय देवताओं और अप्सराओं की गर्जना से आकाश गूंज उठा। उसी समय देवताओं द्वारा बड़ी ऊँचाई से फेंके गए विचित्र पुष्पगुच्छों की वहाँ बड़ी भारी वर्षा होने लगी। 68। | mahabharat अध्याय 9.57: भीमसेन और दुर्योधनका गदायुद्ध । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततोऽन्तरिक्षे निनदो महानभूद्
दिवौकसामप्सरसां च नेदुषाम्।
पपात चोच्चैरमरप्रवेरितं
विचित्रपुष्पोत्करवर्षमुत्तमम्॥ ६८॥
अनुवाद
उस समय देवताओं और अप्सराओं की गर्जना से आकाश गूंज उठा। उसी समय देवताओं द्वारा बड़ी ऊँचाई से फेंके गए विचित्र पुष्पगुच्छों की वहाँ बड़ी भारी वर्षा होने लगी। 68।
At that time, the sky resounded with the loud cries of the gods and nymphs. At the same time, a great shower of strange clusters of flowers thrown by the gods from a great height began there. 68.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥