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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 57: भीमसेन और दुर्योधनका गदायुद्ध
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श्लोक 28-29h
श्लोक
9.57.28-29h
इन्द्राशनिसमां घोरां यमदण्डमिवोद्यताम्॥ २८॥
ददृशुस्ते महाराज भीमसेनस्य तां गदाम्।
अनुवाद
राजेन्द्र! दर्शकों ने भीमसेन की उस भयंकर गदा को देखा, जो इन्द्र के वज्र और यमराज के दण्ड के समान उठी हुई थी।
Rajendra! The spectators saw that fierce mace of Bhimsen raised like Indra's thunderbolt and Yamraj's rod.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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