श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 57: भीमसेन और दुर्योधनका गदायुद्ध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  9.57.18 
अस्त्रयन्त्राणि चित्राणि स्थानानि विविधानि च।
परिमोक्षं प्रहाराणां वर्जनं परिधावनम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों विचित्र अस्त्र-शस्त्रों और नाना स्थानों का प्रदर्शन करते हुए शत्रुओं के आक्रमणों से अपनी रक्षा करते, प्रतिद्वन्द्वी के आक्रमणों को निष्फल करते और दाएँ-बाएँ भागते रहे॥18॥
 
Demonstrating strange weapons and various places, both of them protected themselves from the attacks of the enemy, rendered the attacks of the opponent ineffective and ran left and right.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)