श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 57: भीमसेन और दुर्योधनका गदायुद्ध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  9.57.1 
संजय उवाच
ततो दुर्योधनो दृष्ट्वा भीमसेनं तथागतम्।
प्रत्युद्ययावदीनात्मा वेगेन महता नदन्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! तत्पश्चात् भीमसेन को इस प्रकार आक्रमण करते देख, विशाल हृदय वाला दुर्योधन भी गर्जना करता हुआ बड़े वेग से उनका सामना करने के लिए आगे बढ़ा।॥1॥
 
Sanjaya says: O King! Thereafter, seeing Bhimasena attacking him in this manner, the large-hearted Duryodhana too roared and advanced forward with great speed to face him.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)