Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.56.34: द्रोणाचार्य, कर्ण और महाबली शल्य मारे गए और जिसने सबसे पहले शत्रुता की आग भड़काई थी, सुबलपुत्र शकुनि भी मारा गया॥ 34॥   |   mahabharat अध्याय 9.56: दुर्योधनके लिये अपशकुन, भीमसेनका उत्साह तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्धके पश्चात् गदायुद्धका आरम्भ   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 56: दुर्योधनके लिये अपशकुन, भीमसेनका उत्साह तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्धके पश्चात् गदायुद्धका आरम्भ  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.56.34 
हतो द्रोणश्च कर्णश्च तथा शल्य: प्रतापवान्।
वैराग्नेरादिकर्तासौ शकुनि: सौबलो हत:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य, कर्ण और महाबली शल्य मारे गए और जिसने सबसे पहले शत्रुता की आग भड़काई थी, सुबलपुत्र शकुनि भी मारा गया॥ 34॥
 
Dronacharya, Karna and the mighty Shalya were killed and the one who was the first to ignite the fire of enmity, Shakuni, son of Subala, was also killed.॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)