श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 56: दुर्योधनके लिये अपशकुन, भीमसेनका उत्साह तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्धके पश्चात् गदायुद्धका आरम्भ  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  9.56.19 
हत्वेमं पापकर्माणं गदया रणमूर्धनि।
अद्यास्य शतधा देहं भिनद्मि गदयानया॥ १९॥
 
 
अनुवाद
आज मैं युद्धभूमि के मुहाने पर अपनी गदा के प्रहार से इस पापी को मार डालूँगा और इसी गदा से इसके शरीर के सौ टुकड़े कर दूँगा॥19॥
 
Today I will kill this sinner with a blow of my mace at the mouth of the battle field and break his body into hundred pieces with this very mace.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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