श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 56: दुर्योधनके लिये अपशकुन, भीमसेनका उत्साह तथा भीम और दुर्योधनमें वाग्युद्धके पश्चात् गदायुद्धका आरम्भ  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  9.56.18 
निहत्य गदया पापमिमं कुरुकुलाधमम्।
अद्य कीर्तिमयीं मालां प्रतिमोक्ष्याम्यहं त्वयि॥ १८॥
 
 
अनुवाद
आज मैं अपनी गदा से कुरुकुलकुल के इस पापी को मार डालूँगा और तुम्हें यश की माला से विभूषित करूँगा॥ 18॥
 
Today, I will kill this sinner belonging to the Kurukula family with my mace and adorn you with a garland of fame.॥ 18॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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