Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.55.6-7: नृपश्रेष्ठ! मैंने महान कथा कहने वाले ऋषियों से सुना है कि कुरुक्षेत्र परम पवित्र और पुण्यशाली तीर्थ है। वह स्वर्ग का दाता है। देवता, ऋषि और महात्मा ब्राह्मण सदैव उसका सेवन करते हैं। 6-7॥ | mahabharat अध्याय 9.55: बलरामजीकी सलाहसे सबका कुरुक्षेत्रके समन्तपंचक तीर्थमें जाना और वहाँ भीम तथा दुर्योधनमें गदायुद्धकी तैयारी । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नृपश्रेष्ठ! मैंने महान कथा कहने वाले ऋषियों से सुना है कि कुरुक्षेत्र परम पवित्र और पुण्यशाली तीर्थ है। वह स्वर्ग का दाता है। देवता, ऋषि और महात्मा ब्राह्मण सदैव उसका सेवन करते हैं। 6-7॥
Nrupashrestha! I have heard from the sages who tell great stories that Kurukshetra is a most sacred and virtuous place of pilgrimage. He is the giver of heaven. Gods, sages and Mahatma Brahmins always consume it. 6-7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥