Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.55.38-39h: दो क्रोधित बाघों, दो गरजते बादलों और दो दहाड़ते सिंहों के समान वे दोनों महाबाहु योद्धा हर्ष से भर गए।   |   mahabharat अध्याय 9.55: बलरामजीकी सलाहसे सबका कुरुक्षेत्रके समन्तपंचक तीर्थमें जाना और वहाँ भीम तथा दुर्योधनमें गदायुद्धकी तैयारी   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 55: बलरामजीकी सलाहसे सबका कुरुक्षेत्रके समन्तपंचक तीर्थमें जाना और वहाँ भीम तथा दुर्योधनमें गदायुद्धकी तैयारी  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  9.55.38-39h 
व्याघ्राविव सुसंरब्धौ गर्जन्ताविव तोयदौ॥ ३८॥
जहृषाते महाबाहू सिंहकेसरिणाविव।
 
 
अनुवाद
दो क्रोधित बाघों, दो गरजते बादलों और दो दहाड़ते सिंहों के समान वे दोनों महाबाहु योद्धा हर्ष से भर गए।
 
Like two furious tigers, two thundering clouds and two roaring lions, those two mighty-armed warriors were filled with joy. 38 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)