Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.55.28-31: महाराज! अपने शत्रुओं को पीड़ा देने वाले वे दोनों शक्तिशाली वीर यमराज, इंद्र, वरुण, श्रीकृष्ण, बलराम, कुबेर, मधु, कैटभ, सुंद, उपसुंद, राम, रावण, बाली और सुग्रीव के समान वीर थे और काल और मृत्यु के समान प्रकट होते थे।॥ 28-31॥ | mahabharat अध्याय 9.55: बलरामजीकी सलाहसे सबका कुरुक्षेत्रके समन्तपंचक तीर्थमें जाना और वहाँ भीम तथा दुर्योधनमें गदायुद्धकी तैयारी । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उभौ सदृशकर्माणौ यमवासवयोरिव॥ २८॥
तथा सदृशकर्माणौ वरुणस्य महाबलौ।
वासुदेवस्य रामस्य तथा वैश्रवणस्य च॥ २९॥
सदृशौ तौ महाराज मधुकैटभयोर्युधि।
उभौ सदृशकर्माणौ तथा सुन्दोपसुन्दयो:॥ ३०॥
रामरावणयोश्चैव वालिसुग्रीवयोस्तथा।
तथैव कालस्य समौ मृत्योश्चैव परंतपौ॥ ३१॥
अनुवाद
महाराज! अपने शत्रुओं को पीड़ा देने वाले वे दोनों शक्तिशाली वीर यमराज, इंद्र, वरुण, श्रीकृष्ण, बलराम, कुबेर, मधु, कैटभ, सुंद, उपसुंद, राम, रावण, बाली और सुग्रीव के समान वीर थे और काल और मृत्यु के समान प्रकट होते थे।॥ 28-31॥
Maharaj! Those two mighty heroes who tormented their enemies were as valorous as Yamaraja, Indra, Varuna, Shri Krishna, Balarama, Kubera, Madhu, Kaitabha, Sunda, Upsunda, Rama, Ravana, Bali and Sugreeva and appeared like time and death.॥ 28-31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥