Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.55.22-23h: राजन! क्रोध में भरे हुए दो हाथियों के समान वे दोनों वीर योद्धा एक-दूसरे को मार डालने की इच्छा से एक-दूसरे की ओर इस प्रकार देखने लगे, मानो एक-दूसरे को अपनी आँखों से जलाकर भस्म कर देंगे।   |   mahabharat अध्याय 9.55: बलरामजीकी सलाहसे सबका कुरुक्षेत्रके समन्तपंचक तीर्थमें जाना और वहाँ भीम तथा दुर्योधनमें गदायुद्धकी तैयारी   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 55: बलरामजीकी सलाहसे सबका कुरुक्षेत्रके समन्तपंचक तीर्थमें जाना और वहाँ भीम तथा दुर्योधनमें गदायुद्धकी तैयारी  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  9.55.22-23h 
तावन्योन्यं निरीक्षेतां क्रुद्धाविव महाद्विपौ॥ २२॥
दहन्तौ लोचनै राजन् परस्परवधैषिणौ।
 
 
अनुवाद
राजन! क्रोध में भरे हुए दो हाथियों के समान वे दोनों वीर योद्धा एक-दूसरे को मार डालने की इच्छा से एक-दूसरे की ओर इस प्रकार देखने लगे, मानो एक-दूसरे को अपनी आँखों से जलाकर भस्म कर देंगे।
 
King! Like two elephants filled with rage, both those brave warriors, wanting to kill each other, started looking at each other as if they would burn each other to ashes with their eyes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)