Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.54.40: तत्पश्चात् शत्रुओं को पीड़ा देने वाले भगवान राम, सरस्वती नदी की ओर बार-बार प्रेमपूर्वक देखते हुए, घोड़ों से जुते हुए उज्ज्वल रथ पर आरूढ़ हुए। | mahabharat अध्याय 9.54: प्लक्षप्रस्रवण आदि तीर्थों तथा सरस्वतीकी महिमा एवं नारदजीसे कौरवोंके विनाश और भीम तथा दुर्योधनके युद्धका समाचार सुनकर बलरामजीका उसे देखनेके लिये जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् शत्रुओं को पीड़ा देने वाले भगवान राम, सरस्वती नदी की ओर बार-बार प्रेमपूर्वक देखते हुए, घोड़ों से जुते हुए उज्ज्वल रथ पर आरूढ़ हुए।
Thereafter, Lord Rama, the tormentor of enemies, repeatedly gazing lovingly towards the river Saraswati, mounted on a bright chariot drawn by horses. 40.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥