Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.54.35-36h: वैशम्पायनजी कहते हैं - राजन! नारदजी के वचन सुनकर बलरामजी ने अपने साथ आये श्रेष्ठ ब्राह्मणों का पूजन करके उन्हें विदा किया और अपने सेवकों को द्वारका जाने का आदेश दिया। | mahabharat अध्याय 9.54: प्लक्षप्रस्रवण आदि तीर्थों तथा सरस्वतीकी महिमा एवं नारदजीसे कौरवोंके विनाश और भीम तथा दुर्योधनके युद्धका समाचार सुनकर बलरामजीका उसे देखनेके लिये जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं - राजन! नारदजी के वचन सुनकर बलरामजी ने अपने साथ आये श्रेष्ठ ब्राह्मणों का पूजन करके उन्हें विदा किया और अपने सेवकों को द्वारका जाने का आदेश दिया।
Vaishmpayana says - King! After listening to Narad's words, Balarama worshipped the great Brahmins who had come with him and sent them off and ordered his servants to go to Dwarka. 35 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥