Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.54.28-29: हे महाबाहु माधव! मुझसे उन लोगों के नाम भी सुनो जो वहाँ नहीं मारे गए। कृपाचार्य, कृतवर्मा और द्रोणपुत्र महाबली अश्वत्थामा, ये ही तीन योद्धा दुर्योधन की सेना में बचे थे, जिन्होंने शत्रुओं को परास्त किया। 28-29॥ | mahabharat अध्याय 9.54: प्लक्षप्रस्रवण आदि तीर्थों तथा सरस्वतीकी महिमा एवं नारदजीसे कौरवोंके विनाश और भीम तथा दुर्योधनके युद्धका समाचार सुनकर बलरामजीका उसे देखनेके लिये जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अहतांस्तु महाबाहो शृणु मे तत्र माधव॥ २८॥
धार्तराष्ट्रबले शेषास्त्रय: समितिमर्दना:।
कृपश्च कृतवर्मा च द्रोणपुत्रश्च वीर्यवान्॥ २९॥
अनुवाद
हे महाबाहु माधव! मुझसे उन लोगों के नाम भी सुनो जो वहाँ नहीं मारे गए। कृपाचार्य, कृतवर्मा और द्रोणपुत्र महाबली अश्वत्थामा, ये ही तीन योद्धा दुर्योधन की सेना में बचे थे, जिन्होंने शत्रुओं को परास्त किया। 28-29॥
Mighty-armed Madhav! Also hear from me the names of those who were not killed there. Kripacharya, Kritavarma and the mighty Ashwatthama, the son of Drona, are the only three warriors left in Duryodhana's army who defeated the enemy. 28-29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥