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mahabharat 9.53.24: तारंतुक, अरंतुक, रामह्रद (परशुराम कुंड) और मछ्रुक के बीच की भूमि समंतपंकाका और कुरुक्षेत्र है। इसे प्रजापति की उत्तरवेदी कहा जाता है।॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 9.53: ऋषियोंद्वारा कुरुक्षेत्रकी सीमा और महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.53.24 
तरन्तुकारन्तुकयोर्यदन्तरं
रामह्रदानां च मचक्रुकस्य च।
एतत् कुरुक्षेत्रसमन्तपञ्चकं
प्रजापतेरुत्तरवेदिरुच्यते॥ २४॥
 
 
अनुवाद
तारंतुक, अरंतुक, रामह्रद (परशुराम कुंड) और मछ्रुक के बीच की भूमि समंतपंकाका और कुरुक्षेत्र है। इसे प्रजापति की उत्तरवेदी कहा जाता है।॥ 24॥
 
‘The land between Tarantuk, Arantuk, Ramhrad (Parshuram Kund) and Machruk is Samantapancaka and Kurukshetra. It is called Uttarvedi of Prajapati.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)