Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.53.1: ऋषियों ने कहा - बलराम! समन्तपंचक क्षेत्र एक सनातन तीर्थ है। इसे प्रजापति की उत्तरवेदी कहते हैं। प्राचीन काल में महान् दानशील देवताओं ने वहाँ एक बहुत बड़ा यज्ञ किया था।॥1॥ | mahabharat अध्याय 9.53: ऋषियोंद्वारा कुरुक्षेत्रकी सीमा और महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋषय ऊचु:
प्रजापतेरुत्तरवेदिरुच्यते
सनातनं राम समन्तपञ्चकम्।
समीजिरे यत्र पुरा दिवौकसो
वरेण सत्रेण महावरप्रदा:॥ १॥
अनुवाद
ऋषियों ने कहा - बलराम! समन्तपंचक क्षेत्र एक सनातन तीर्थ है। इसे प्रजापति की उत्तरवेदी कहते हैं। प्राचीन काल में महान् दानशील देवताओं ने वहाँ एक बहुत बड़ा यज्ञ किया था।॥1॥
The sages said - Balarama! The Samantapancaka area is an eternal pilgrimage. It is called the Uttarvedi of Prajapati. In ancient times, the great benevolent gods had performed a very big yagya there. ॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥