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mahabharat 9.52.4-5h: नरेश्वर! उन्हें देखकर महामुनि कुणिर्ग बहुत प्रसन्न हुए और कुछ समय पश्चात् वे शरीर त्यागकर स्वर्गलोक को चले गए॥4 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.52: वृद्ध कन्याका चरित्र, शृंगवान‍्के साथ उसका विवाह और स्वर्गगमन तथा उस तीर्थका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 52: वृद्ध कन्याका चरित्र, शृंगवान‍्के साथ उसका विवाह और स्वर्गगमन तथा उस तीर्थका माहात्म्य  »  श्लोक 4-5h
 
 
श्लोक  9.52.4-5h 
तां च दृष्ट्वा मुनि: प्रीत: कुणिर्गर्गो महायशा:॥ ४॥
जगाम त्रिदिवं राजन् संत्यज्येह कलेवरम्।
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! उन्हें देखकर महामुनि कुणिर्ग बहुत प्रसन्न हुए और कुछ समय पश्चात् वे शरीर त्यागकर स्वर्गलोक को चले गए॥4 1/2॥
 
Nareshwar! Seeing him, the great sage Kunirgarga became very happy and after some time, he left his body and went to heaven. 4 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)